उपाय : ऐसे होगी माता लक्ष्मी की स्थायी कृपा

हमारे सनातन धर्म में धन की देवी माता लक्ष्मी को माना गया तथा धन की प्राप्ति एवम् संचय के लिए माता की कृपा आवश्यक है । जो धन अधर्म से प्राप्त किया जाता है वह अस्थायी होता है और पीड़ा का कारण बनता है।
  

         आज हम धर्मानुकूल धन की प्राप्ति के नियम की चर्चा करेंगे तथा यह भी जानेंगे कि किस प्रकार का धन दुःख तथा नाश का कारण बनता है। 


लक्ष्मी माता की स्थायी कृपा प्राप्ति के कुछ उपाय इस लेख में दिए गए जिनके प्रयोग से आप लक्ष्मी माँ की कृपा प्राप्त कर सकते है।।






1. सदैव याद रखें कभी भी किसी से कोई चीज मुफ्त में न लें , हमेशा उसका मूल्य अवश्य ही चुकाएं , कभी भी किसी व्यक्ति को धोखा देकर धन का संचय न करें ,
इस तरह से कमाया हुआ धन टिकता नहीं है , वह उस व्यक्ति और उसके परिवार के ऊपर कर्ज के रूप में चढ जाता है और ऐसा करने से व्यक्ति के स्वयं के भाग्य और उसके कर्म से आसानी से मिलने वाली सम्रद्धि और सफलता में भी हमेशा बाधाएँ ही आती है ।

2. हर एक व्यक्ति को चाहे वह अमीर हो या गरीब , उसका जो भी व्यवसाय / नौकरी हो अपनी आय का कुछ भाग प्रति माह धार्मिक कार्यों में अथवा दान पुण्य में अवश्य ही खर्च करें , ऐसा करने से उस व्यक्ति पर माँ लक्ष्मी की सदैव कृपा बनी रहती है , उसके परिवार में हर्ष - उल्लास और सहयोग का वातावरण बना रहता है तथा सामान्यता वह अपने दायित्वों के पूर्ति के लिए पर्याप्त धन अवश्य ही आसानी से कमा लेता है ।
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3. स्त्रियों को स्वयं लक्ष्मी का स्वरुप माना गया है । प्रत्येक स्त्री को पूर्ण सम्मान दें । घर की व्यवस्था अपनी पत्नी को सौपें , वही घर को चलाये उसके काम में कभी भी मीन मेख न निकालें । अपने माता पिता को अपनी आय का एक निश्चित हिस्सा अवश्य ही दें । घर में कोई भी बड़ा काम हो तो उस घर के बड़े बुजुर्गों विशेषकर स्त्रियों को अवश्य ही आगे करें । अपने घर एवं रिश्तेदारी में अपनी पत्नी को अवश्य ही आगे रखें । अपनी माँ , पत्नी , बहन एवं बेटी को हर त्यौहार , जन्मदिवस , एवं शादी की सालगिरह आदि पर कोई न कोई उपहार अवश्य ही दे ।

4. घर के मुखिया जो अपने घर व्यापार में माँ लक्ष्मी की कृपा चाहते है वह रात के समय कभी भी चावल , सत्तू , दही , दूध , मूली आदि खाने की सफेद चीजों का सेवन न करें इस नियम का जीवन भर यथासंभव पालन करने से आर्थिक पक्ष हमेशा ही मजबूत बना रहता है ।

5. शुक्रवार को सवा सौ ग्राम साबुत बासमती चावल और सवा सौ ग्राम ही मिश्री को एक सफेद रुमाल में बांध कर माँ लक्ष्मी से अपनी गलतियों की क्षमा मांगते हुए उनसे अपने घर में स्थायी रूप से रहने की प्रार्थना करते हुए उसे नदी की बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें , धीरे धीरे आर्थिक पक्ष मजबूत होता जायेगा ।


6. प्रथम नवरात्री से नवमी तिथि तक प्रतिदिन एक बार श्रीसूक्त का अवश्य ही पाठ करें इससे निश्चय ही आप पर माता लक्ष्मी की कृपा द्रष्टि बनी रहेगी ।

7. घर के पूजा स्थल और तिजोरी में सदैव लाल कपडा बिछा कर रखें और संध्या में आपकी पत्नी या घर की कोई भी स्त्री नियम पूर्वक वहां पर ३ अगरबत्ती जला कर अवश्य ही पूजा करें ।

8. प्रत्येक पूर्णिमा में नियमपूर्वक साबूदाने की खीर मिश्री और केसर डाल कर बनाये फिर उसे माँ लक्ष्मी को अर्पित करते हुए अपने जीवन में चिर स्थाई सुख , सौभाग्य और सम्रद्धि की प्रार्थना करें , तत्पश्चात घर के सभी सदस्य उस खीर के प्रशाद का सेवन करें ।

9. हर 6 माह में कम से कम एक बार अपने माता पिता को कोई उपहार अवश्य ही दें इससे आपकी आय में सदैव बरकत रहेगी ।
10. घर में तुलसी का पौधा लगाकर वहां पर संध्या के समय रोजाना घी का दीपक जलाने से माता लक्ष्मी उस घर से कभी भी नहीं जाती है ।
11. शुक्र ग्रह भौतिक सुख के कारक है
, इसको मजबूत करने के लिए घर का कुछ हिस्सा कच्चा जरुर रखे ।
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12. यदि गृह लक्ष्मी प्रतिदिन एक लोटा जल प्रात: घर के मुख्य द्वार पर डाले तो उस घर में धन का आगमन बहुत ही सुगमता से होता है ।

13. माँ लक्ष्मी का ध्यान करते हुए स्नान के पश्चात यदि मस्तक पर शुद्ध केसर का तिलक ,
और इत्र लगाकर ही घर से अपने व्यवसाय में जाएँ तो धन लाभ की सम्भावना बड़ जाती है ।

14. रात को सोते समय अपने दन्त फिटकरी से साफ करें लाभ प्राप्त होगा ।

15. बुधवार को हरा चारा , ब्रहस्पति वार को गीली चने की दाल को आटे में मिलाकर उसके 2 पेड़े और शुक्रवार को सफेद चावल मीठा डालकर गाय को खिलाने से उस घर पर कभी भी कोई भी आर्थिक संकट नहीं आता है ।

16. इन्द्रकृत महालक्ष्मी स्तोत्र के 11 पाठ नित्य करने और गीताजी के ग्यारहवें अध्याय का नियमित पाठ करने से महालक्ष्मी उस घर में सदा निवास करती है।

17. श्रीसूक्त के रात्रि के समय 11 पाठ करने व एक पाठ से हवन करने से मां लक्ष्मी उस पर सदा प्रसन्न रहती है।

18. ध्यान रहे धन लक्ष्मी की पूजा करने वाले किसी भी हाल में स्त्री का अनादर नहीं करें।

19. धन लक्ष्मी माता को सफेद पदार्थ जैसे चावल से बनी खीर और यथासंभव दूध से बने पकवानों का भोग लगाएं।

20. गृह लक्ष्मी , माता या घर की सबसे बड़ी स्त्री को आदर देते हुए घर की किसी भी पूजा का कोई भी प्रसाद सर्वप्रथम उन्हें ही ग्रहण कराएं तत्पश्चात स्वयं ग्रहण करें

21. भगवती लक्ष्मी के 18 पुत्र माने जाते हैं। इनके प्रतिदिन अथवा शुक्रवार के दिन इनके नाम के आरंभ में ॐ और अंत में ' नम: ' लगाकर जप करने से मनचाहे धन की प्राप्ति होती है। जैसे -
1. ॐ देवसखाय नम: 2. ॐ चिक्लीताय नम: 3. ॐ आनंदाय नम: 4. ॐ कर्दमाय नम: 5. ॐ श्रीप्रदाय नम: 6. ॐ जातवेदाय नम: 7. ॐ अनुरागाय नम: 8. ॐ संवादाय नम: 9. ॐ विजयाय नम: 10. ॐ वल्लभाय नम: 11. ॐ मदाय नम: 12. ॐ हर्षाय नम: 13. ॐ बलाय नम: 14. ॐ तेजसे नम: 15. ॐ दमकाय नम: 16.
ॐ सलिलाय नम: 17. ॐ गुग्गुलाय नम: 18. ॐ कुरूंटकाय नम:
यदि संभव हो तो इन्हे एक सफेद कागज पर लाल स्याही से लिख कर रख लें और पड़ने के बाद इस कागज को चूमकर अपने माथे से अवश्य लगाएँ |
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22. शंख समुद्र मंथन के समय प्राप्त चौदह अनमोल रत्नों में से एक है। माता लक्ष्मी के साथ उत्पन्न होने के कारण इसे लक्ष्मी भ्राता भी कहा जाता है। यही कारण है कि जिस घर में शंख होता है वहां लक्ष्मी का वास अवश्य ही होता है। घर में शंख जरूर रखें।

23. पति या पत्नी में कोई भी रात्रि में सोने से पहले घरं में ईश्वर का स्मरण करते हुए दो फूल वाले लौंग देसी कपूर के साथ जला लें मां लक्ष्मी की सदैव कृपा बनी रहेगी ।

24. शुक्रवार के दिन दक्षिणावर्ती शंख में जल भरकर भगवान विष्णु का अभिषेक करने से मां लक्ष्मी बहुत जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं उस व्यक्ति को धन की कभी भी कमी नहीं रहती है।

25. बांस की बनी हुई बांसुरी भगवान श्रीकृष्ण को अतिप्रिय है। जिस घर में बांसुरी रखी होती है , उस परिवार में परस्पर प्रेम और सहयोग तो बना रहता ही है साथ ही उस घर में धन-वैभव,
सुख-समृद्धि की भी कोई कमी नहीं रहती है। ध्यान दीजियेगा की बांसुरी टूटी / चिटकी न हो और उस पर कोई रेशमी मोटा धागा अवश्य बांध दें।

26. माह के किसी भी शुक्रवार के दिन 3 कुंवारी कन्याओं को घर बुलाकर खीर खिलाकर पीला वस्त्र व दक्षिणा देकर विदा करें। इससे मां लक्ष्मी की उस घर पर हमेशा कृपा बनी रहती हैं।

27. किसी शुभ मुहूर्त में लाल धागे में सातमुखी रुद्राक्ष गले में धारण करने से अवश्य ही धन लाभ होता है।

28. सफेद अकाव की जड़ को सफेद कपड़े में बांधकर घर के धन स्थान में रखने से समृद्धि बढ़ती है।

29. घर में समृद्धि लाने हेतु घर के उत्तर पश्चिम के कोण (वायव्य कोण) में सुन्दर से मिट्टी के बर्तन में कुछ सोने-चांदी के सिक्के, लाल कपड़े में बांध कर रखें। फिर बर्तन को गेहूं या चावल से भर दें। ऐसा करने से घर में धन का अभाव नहीं रहेगा।

30. काले तिल परिवार के सभी सदस्यों के सिर पर सात बार उसार कर घर के उत्तर दिशा में फेंक दें, धनहानि बंद होगी


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31. एक हंडिया में सवा किलो हरी साबुत मूंग की दाल , दूसरी में सवा किलो डलिया वाला नमक भर दें। यह दोनों हंडिया घर में कहीं साफ और सुरक्षित जगह में रख दें। यह क्रिया बुधवार के दिन करें। घर में धन आना और रुकना शुरू हो जाएगा।

32. अगर अचानक धन लाभ की स्थितियाँ बनती नज़र आती हों , किन्तु लाभ नहीं मिल रहा हो , तो गोपी चन्दन की नौ डलियाँ लेकर केले के वृक्ष पर टाँग देनी चाहिए। यह ध्यान रहे की यह चन्दन पीले धागे से ही बाँधना है।

33. अकस्मात् धन लाभ के लिये शुक्ल पक्ष के प्रथम बुधवार को सफेद कपड़े के झंडे को पीपल के वृक्ष पर लगाना चाहिए। इस प्रयोग से व्यवसाय में किसी भी प्रकार का अवरोध भी टल जाता है ।

34. अगर आप अमावस्या के दिन पीली त्रिकोण आकृति की पताका विष्णु मन्दिर में ऊँचाई वाले स्थान पर इस प्रकार लगाएँ कि वह लगातार लहराती रहे , तो आपका भाग्य शीघ्र ही चमक उठेगा। लगातार स्थाई लाभ हेतु यह ध्यान रहे की झंडा वहाँ लगा रहना चाहिए। उसे आप समय समय पर स्वयं बदल भी सकते है ।

35. प्रत्येक शुक्रवार को माता लक्ष्मी के सामने नौं बत्तियों का शुद्ध घी का दीपक जलाकर सफ़ेद दूध की बनी मिठाई का भोग लगाकर तत्पश्चात अपने हाथ से वह प्रशाद अपनी माता , पत्नी , बहन एवं बेटी को खिलाने सबको बाँटने के बाद अंत में स्वयं ग्रहण करने से मां लक्ष्मी सदैव उस घर में निवास करती है।

36. जो व्यक्ति नहाते हुए अथवा पैर धोते हुए पैर से पैर को रगड़कर साफ करता है , सर पर तेल लगाने के बाद हाथों में बचे हुए तेल को मुंह , कलाइयों या बाजुओं में रगड़ता है , नोटों को थूक लगा कर गिनता है । उसे हमेशा धन का संकट बना रहता है।
37. महिलाओं का आदर करने से तथा 10 वर्ष से कम उम्र की कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर प्रसन्न करने से सुख-समृद्धि की वृद्धि होती है।

38. सफेद वस्तुओं का दान करने से मां लक्ष्मी अति प्रसन्न होती हैं और सुख-संपत्ति का भंडार भर देती हैं।

39. घर में टूटे-फूटे बर्तनों का उपयोग कदापि न करें। यह दरिद्रता का सूचक है और इससे माँ लक्ष्मी रुष्ठ हो जाती हैं।
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40. भगवान विष्णु की पत्नी महालक्ष्मी के कई फोटो उपलब्ध हैं। इन उपलब्ध चित्रों में से उस फोटो की पूजा करनी चाहिए जिसमें महालक्ष्मी और भगवान श्रीहरि गरुड़ देव पर आसीन हो। इस फोटो की पूजा करने पर व्यक्ति मालामाल हो सकता है।जो भी भक्त देवी लक्ष्मी के ऐसे फोटो की पूजा करता है वह सभी देवी-देवताओं की कृपा का पात्र बन जाता है। इसके व्यक्ति कुंडली के सभी दोषों का प्रभाव भी कम हो जाता है। श्रीहरि के साथ लक्ष्मी यदि गुरुड़ देव पर आसीन होकर आपके यहां आएंगी तो वे स्थाई रूप से आप पर कृपा बरसाएंगी।


41. किसी भी विशेष मनोरथ की पूर्ती के लिये शुक्ल पक्ष में जटावाला नारियल नए लाल सूती कपडे में बांधकर बहते जल में प्रवाहित करें। यह उपाय निष्ठापूर्वक करें।नारियल प्रवाहित करने से पहले अपने नाम और गौत्र का उच्चारण अवश्य करें।इसके बाद अपने इष्टदेव से अपनी परेशानियां दूर करने के लिए प्रार्थना करें और नारियल नदी में बहा दें। ध्यान रहे इसके बाद पलट जाएँ और पीछे पलटकर ना देखें।

42. अगर आपके व्यापार या नौकरी में मंदी आ गयी है तो किसी साफ़ शीशी में सरसों का तेल भरकर उस शीशी को किसी तालाब या बहती नदी के जल में डाल दें और ईश्वर से अपनी सफलता के लिए प्रार्थना करें । आपके व्यापार / नौकरी में जान आ जाएगी।

43. यदि मार्ग में कोई सफाई कर्मचारी सफाई करता दिखाई दे तो उसे स्नेह से चाय-पानी के लिए कुछ दान अवश्य दें, इससे परिवार में प्रेम व सुख-समृद्धी बड़ती है । यदि सफाई कर्मचारी महिला हो तो बहुत ही उत्तम है ।

44. अगर आपको धन की इच्छा है तो इसके लिए आप बुधवार या चतुर्थी तिथि के दिन सुबह स्नान आदि करने के बाद भगवान श्रीगणेश को शुद्ध घी और गुड़ का भोग लगाएं। थोड़ी देर बाद घी व गुड़ गाय को खिला दें। ये उपाय करने से धन संबंधी समस्या का निदान हो जाता है।
ये कुछ बहुत ही आसान से उपाय है जिनका ध्यान रखकर हम अपनी मेहनत का उत्तम फल , स्थायी रूप से आर्थिक सम्पन्नता प्राप्त कर सकते है ।

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