Janmashtami : राशि अनुसार करे बाल कृष्ण का श्रृंगार , पोशाक , भोग प्रसाद मनोकामनाएं होंगी पूरी

ब्रजगोपी श्रीराधा ब्लॉग की ओर से 
सभी कृष्णप्रेमियों को जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई
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सनातन कालगणना के अनुसार भगवान् श्री कृष्ण का जन्म आज से 5243 वर्ष पूर्व हुआ था।
भगवान् श्री कृष्ण के जन्म की कथा तो सर्वज्ञात है ही, किन्तु इस बार विशेष संयोग यह है कि भगवान् का जन्म बुधवार के दिन हुआ था और इस बार 25 अगस्त 2016 को भी श्री कृष्ण जन्माष्टमी उत्सव बुधवार को है।



अपने वांछित मनोरथ की प्राप्ति के लिए भगवान् बाल कृष्ण के लिए विशेष भोग व् प्रसाद का वर्णन आगे लिखा गया है साथ ही अपनी राशि के अनुसार भगवान् के श्रृंगार पोशाक का वर्णन भी किया गया है। इस जन्माष्टमी को अपनी राशि अनुसार बाल गोपाल की पूजा व् आराधना करे।
भगवन कृष्ण अपने प्रेमियों पर कृपा करें।



-: इन विधियों से भोग लगा कर करें अपनी इच्छापूर्ति :-

1. धन लाभ हेतु: श्री बाल गोपाल को साबुत काली मिर्च और तुलसी पत्र युक्त साबूदाने की खीर का भोग लगाएं।

2. अर्थ लाभ हेतु: शंख में मिश्री युक्त जल भरकर कृष्ण लला का अभिषेक करें।


3. पारिवारिक शांति हेतु: हल्दी और तुलसी पत्र हाथ में लेकर इस मंत्र 108 बार जाप करें। “क्लीं कृष्णाय सर्व क्लेशनाशाय नम:” तत्पश्चात तुलसी पत्र और हल्दी श्री कृष्ण के चित्र पर चढ़ाएं।

4. वैभव प्राप्ति हेतु: राधा कृष्ण के चित्र पर पीले वस्त्र में केला और चने की दाल बांधकर चढ़ाएं।

5. अटूट धन प्राप्ति हेतु: कृष्ण जन्म के समय रात्रि ठीक 12 बजे श्री भगवान का केसर मिश्रित दूध से अभिषेक करें।

6. आर्थिक उन्नति हेतु: रात्रि में श्रीकृष्ण का पंचोंउपचार पूजन कर 5/- रूपए का सिक्का हाथ में लेकर “श्री नाथाय नमौस्तुते” मंत्र का यथासंभव जाप कर सिक्का श्रीकृष्ण पर अर्पित करें तथा कल प्रातः वो 5/- रूपए का सिक्का प्रसाद स्वरूप अपनी तिजोरी में रखें इस से अभूतपूर्व आर्थिक उन्नति प्राप्त होगी।

7. सुखी दाम्पत्य हेतु: संध्या के समय तुलसी माता पर चंदन की धुप और शुद्ध घी का दीप प्रज्वलित करें “ॐ लक्ष्मी नारायणाय नमौस्तुते:” मंत्र उच्चारण करते हुए तुलसी माता की 11 परिक्रमा करें।

8. पद्दौनात्ति हेतु: विराट स्वरूप भगवान श्री कृष्ण के चित्र पर चावल की खीर और शुद्ध घी से बनी पूड़ी का भोग लगाएं तदुपरांत खीर पूरी प्रसाद स्वरुप सात कन्याओं को खिलाएं।

9. विपत्ति नाश हेतु: जन्माष्टमी से प्रारंभ कर लगातार 43 दिन 1 नारियल और 11 बादाम किसी धर्मस्थल में चढ़ाएं।
 10. कर्ज से मुक्ति हेतु: जन्माष्टमी से लगातार 8 दिन अर्थात पूर्णमाशी तक मिश्री की चाशनी में काले तिल मिलाकर स्टील के कलश से पीपल के वृक्ष पर अर्पित करें।

11. दुर्भाग्य नाश हेतु: जन्माष्टमी से लगातार 8 दिन आर्थात पूर्णमासी तक संध्या के समय पीपल के नीचे सरसों के तेल का चोमुखी दीपक जलाएं।

12. शत्रु बाधा निवारण हेतु: जन्माष्टमी पर संध्या के समय सूर्यास्त पूर्व पीपल के पत्ते पर अष्टगंध की स्याही और अनार की कलम से “सर्व शत्रुनाशय” लिखकर जमीन में गाड़ दें।

-: राशि अनुसार बाल गोपाल की पोशाक और प्रसाद भोग:-

मेष व वृश्चिक राशि: वाले कृष्ण का श्रृंगार सिन्दूरी वस्त्र से करें व गुड़ से बनी मिठाई का भोग लगाएं।

वृषभ एवं तुला: राशि वाले सफेद वस्त्र से श्रृंगार करें व माखन-मिश्री का भोग लगाएं।
सिंह राशि: वाले मेहरून वस्त्र से श्रृंगार करें व रबड़ी का भोग लगाएं।

धनु एवं मीन राशि: वाले पीले वस्त्र से श्रृंगार करें व पीली मिठाई का भोग लगाएं।


मकर व कुंभ राशि: वाले नीले या आसमानी वस्त्र से श्रृंगार करें व बेसन से बनी वस्तु एवं नमकीन का भोग लगाएं।
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