महिलाओं को सुंदरकांड पाठ करना चाहिए या नही?




पूर्वपक्ष:-

लोग कहते है कि सुन्दरकाण्ड में हनुमान जी का वर्णन है और हनुमान जी नैष्ठिक ब्रह्मचारी है
हनुमान जी की प्रधानता है सुन्दरकाण्ड में इसलिए  सुन्दरकाण्ड का पाठ देवियों  को नही करना चाहिये।

समाधान:-
अंजना जी हनुमान जी की माता है या नही?
सीता जी मातृशक्ति है या नही?
हनुमान जी अंजना जी के सामने होते है तो बाल गोपाल रूप में होते है या नही और वो उनको लाड़ प्यार करती है या नही?
हनुमान जी जब सीता जी के सम्मुख होते है तो वे हनुमान जी को आशीर्वाद देती है या नही?

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सुन्दरकाण्ड हनुमान जी के पराक्रम का वर्णन है तो पाठ में कोई आपत्ति नही है।
विशेष बात है कि लोकभाषा में है।

हनुमान जी का यशोगान करने में क्या आपत्ति है?

सुन्दरकाण्ड के पाठ में कोई आपत्ति नही है।
वास्तव में श्रीरामचरितमानस के सुंदरकाण्ड की कथा सबसे अलग है, संपूर्ण श्रीरामचरितमानस भगवान श्रीराम के गुणों और उनके पुरूषार्थ को दर्शाती है, सुंदरकाण्ड एक मात्र ऐसा अध्याय है जो श्रीराम के भक्त हनुमान की विजय का काण्ड है।
मनोवैज्ञानिक नजरिए से देखा जाए तो यह आत्मविश्वास और इच्छाशक्ति बढ़ाने वाला काण्ड है, सुंदरकाण्ड  के पाठ से व्यक्ति को मानसिक शक्ति प्राप्त होती है, किसी भी कार्य को पूर्ण करने के लिए आत्मविश्वास मिलता है।

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